इस ख़त में ईरानी स्टूडेंट्स ने भारत में मुसलमानों के नरसंहार की भर्त्सना की और मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा रुकने की मांग की।
नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए इस ख़त में आया हैः हाल में आपके देश में बहुत ही दर्दनाक घटना घटी, जिसमें बड़ी तादाद में हमारे मुसलमान भाई बहनों की बड़ी निर्ममता से हत्या की गयी और उन्हें गंभीर रूप से नुक़सान पहुंचाया गया। चरमपंथी हिन्दुओं के हाथों कोल्ड हथियारों से मार पीट और उनकी इज़्ज़त पर हमला, इस अपराध का एक भाग है।
इस ख़त में प्रधान मंत्री मोदी याद दिलाया गया कि भारत के संविधान के मुताबिक़, हर व्यक्ति अपने धर्म का खुलकर प्रचार कर सकता है और क़ानून की निगाह में सभी समान हैं।
इस ख़त में इसी तरह प्रधान मंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को याद दिलाया गया कि मुसलमान क़ौम अपने इमाम, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की तरह शहादत में आस्था रखने वाली क़ौम है जैसा कि इमाम हुसैन के बारे में महात्मा गांधी ने कहा थाः "मैंने इस्लाम के महाशहीद इमाम हुसैन के जीवन का बहुत बारीकी से अध्ययन किया है और कर्बला की घटना को बहुत ध्यान से पढ़ा है। मेरे लिए यह बात स्पष्ट है कि अगर भारत एक सफल देश होना चाहता है तो उसे इमाम हुसैन का अनुसरण करना चाहिए।"
इस ख़त में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को यह बात भी याद दिलायी गयी है कि किस तरह ईश्वर अत्याचारियों से बदला लेता है।
इस ख़त में प्रधान मंत्री मोदी को संबोधित करते हुए आया हैः अच्छी तरह समझ लीजिए कि ईश्वर इस बर्बरतापूर्ण हत्याओं, मुसलमानों की इज़्ज़त पर हमले और शहीदों के ख़ून का ज़ालिमों से बदला लेगा।